मैंने देखा है जो लोग सुशांत सिंह राजपूत के हत्या के मुद्दे पर #boycottbollywood लिख रहे हैं यह आज का गुस्सा नहीं है। मैं चार तरीके का गुस्सा बताउंगी इस मुद्दे पर, जो आपस में मिलकर बड़ा रूप ले लिया है -
1. यह वो केटेगरी है जो सच में सुशांत सिंह राजपूत के फैन हैं , ब्लाइंड आर्टिकल के बावजूद पब्लिक अपने सेंस ऑफ़ ह्यूमर से सुशांत सिंह राजपूत को समझते हैं। एक नेशनल फिजिक्स ओलिंपियाड का विनर और डी सी इ में 7th रैंक लाने वाले मेधावी युवा को अपना प्रेरणा मानते हैं। सुशांत सिंह के सपनों को पूरा होते हुए देखकर अपने सपने को पूरा करने का सपना देखते हैं।
2 . यह वो केटेगरी है जो आमिर खान के 'पी के ' मूवी से नाराज थे,सलमान खान के बजरंगी भाईजान , एक था टाइगर जैसे मूवी से नाराज थे और शाहरुख़ खान के रईस मूवी से नाराज थे। और भी मूवी थी जिसमें हिन्दुओं की आलोचना नहीं ,मजाक बनाया गया है और पाकिस्तान को अच्छा दिखाया गया है। ।
3 . यह वो केटेगरी है जो बॉलीवुड मूवी नहीं देखता और दूसरे भाषा के हैं जिनकी मूवी बॉलीवुड से ज्यादा क्रिएटिव और अच्छी होती है लेकिन उनको पहचान नहीं मिल पाता राजनीती या पैसे के कमी की वजह से , जैसे नार्थ ईस्ट , बंगाली , साउथ इंडियन आदि आदि।
4. यह वो केटेगरी है जिनको बॉलीवुड से कोई लेना देना नहीं है लेकिन मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र सरकार की सरेआम नौटंकी से दुखी हैं और समाज को निर्भय माहौल देना चाहते हैं।
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