Wednesday, 14 October 2020

आजका कलम का सिपाही

यूँ ही नहीं लेखक को कलम का सिपाही कहा जाता है। लेखक अपनी कहानियों और रचनाओं से दिल में एक छाप छोड़ देते हैं।कभी कभी  एक जान आंदोलन का भी रूप ले लेती एक व्यक्ति की विचारधारा।  हमारे देश को पहला नोबेल प्राइज एक राइटर और पोएट को मिला है और वो थे रविंद्रनाथ टैगोर| जिनकी कहानियों में महिलाएं डॉक्टर , वकील , हवलदार , अध्यापक हुआ करती थी , ना जाने क्या बात हुई  की 1940 -1990 के दौरान  कहानियों में महिलाओं का पात्रों में बेचारगी और असहाय दिखाने लगे या लीड एक्टर को लुभाने वाली बना दिया गया  |  हमें यह बताया गया  की सीता जी असहाय महिला थी जिन्होंने अग्निपरीक्षा दी थी लेकिन किसी ने यह नहीं बताया की सीताजी राजा जनक की पुत्री नहीं थी गोद ली हुई पुत्री थी फिरभी उन्हें राजकुमारी जैसा परिवरिश और सम्मान मिला | अंग्रेजों ने गोद लिए गए बच्चों को वारिस मानने से ही मना कर दिया। उस समय कोई कलम का सिपाही होता तो अंग्रेजों को बताता की यह हमारी संस्कृति है की बच्चे को गोद लेकर पूरा अधिकार दें |  

हमें यह बताया गया की हम कितने तुच्छ हैं की जातिओं में बटें हुए हैं लेकिन किसी कलम के सिपाही ने यह नहीं बताया की हमारा मंदिर और त्यौहार नहीं बंटा है , रामायण एक  शूद्र (बाल्मीकि ) ने लिखा है और महाभारत वेदव्यास मुनि (मछुआरिन के बेटे ) | मनुस्मृति में तो कृषि करने वाले को भी शूद्र कहा गया है। शूद्र का मतलब घृणित वर्ग नहीं होता।  कभी किसी कलम के सिपाही ने यह क्यों नहीं कहा की छोडो हज़ारो साल पुराने किताब को आओ आने वाला कल सवाँरे। 

यह कलम की ताकत ही है की आज बॉलीवुड एक पत्रकार से डर गया | जो हिन्दू समाज हमेशा जान बचा कर भागते रहे कभी पाकिस्तान से ,कभी बांग्लादेश से तो कभी कश्मीर से , उस समाज पर सेक्रेड गेम्स , लीला , घौल जैसी मूवी कैसे बना दी ? 'भाग मिल्खा भाग ' नहीं बल्कि मूवी का नाम होना चाहिए था 'भाग हिन्दू भाग '| मुझे पता है ऐसा कहने पर मुझे पागल या नफ़रत करने वाली कहा जायेगा।  क्षमा करें हमारा संस्कार नफरत करना नहीं सिखाता बस मेरी कलम सच लिखने को कहती है | मुझे पता है की मैंने हिन्दू माता पिता से जन्म लिया है इसलिए मैं हिन्दू हूँ। ठीक वैसे ही मुस्लिम लोग भी अपनी मर्जी से नहीं  मुस्लिम हैं।  परिवरिश ने हमें अपने धर्मों को पालन करना सिखाया है।  मेरी औकात नहीं है पुरे मुस्लिम समाज से नफरत करने का। मुझे फिक्र है अपने आने वाली भविष्य की , क्यूंकि अच्छे मुसलमान तो औरंगजेब के समय भी थे , भारत के बंटवारे के समय भी थे और कश्मीर में भी थे लेकिन उनके अच्छाई हिन्दुओं के काम नहीं आई।  मुझे दिकत उन मुसलमानों से है जो हिन्दुओं को काफिर कहते हैं और गजवा हिन्द का ख्वाब देखते हैं। ऐसे लोग अबतक सफल होते आये  हैं इसलिए मुझे उनसे डर लगता है। मैं अपनी कलम से आगाह करने आई हूँ। कट्टरपंथ नहीं होना चाहिए।  मुझे दिक्कत उन इतिहासकारों से है  जिन्होंने गलत इतिहास लिखा , हिन्दुओं को निचा दिखाया। मुझे दिक्कत उन नेताओं से है जो कट्टरपंथ को बढ़ावा देते हैं और पक्षपात करके द्वेष फैलाते हैं। मुझे दिक्कत उन कलाकारों से है जो हिन्दू देवी देवता का मजाक बनाते हैं।  बहुत से  हिन्दू भक्ति नहीं करते लेकिन हमारे बड़े बुजुर्ग जो आस्था रखते हैं हम उनका अपमान समझते हैं।  मैं अपनी कलम से मुस्लिम समाज की बहुत कमियां निकाल सकती हूँ लेकिन यह हमारा संस्कार नहीं है। आज मैंने जो भी लिखा है ,गौर करियेगा की मेरा हर पोस्ट इसी सोच के इर्द गिर्द रहता है। 

जय भारत 

Thursday, 3 September 2020

कितना कमा लेते हो?

 "कितना कमा लेते हो?" यह पूछने के बजाय यह पूछने काआदत डालिये "क्या हाल चाल है ?", "क्या कर रहे हो?", "आगे का क्या सोचा है ". क्यूंकि हो सकता है वो इंसान आप की तरह सरकारी नौकरी करके ए सी का हवा लेने के बजाय कूलर के हवा में ही अपनी जिंदगी बिताना चाहता हो और आप से थोड़ा सा इज्जत चाहता हो। उसके बेरोजगार होने का बहुत से वजह हो सकता है 

1. वो एक खिलाड़ी रहा हो जिसके पास काबिलियत थी एक अच्छा स्पोर्ट्समैन बनने का ,लेकिन राजनीती, दुरव्यवस्था या पैसे के अभाव में तरक्की ना कर पाया हो। लेकिन अभी भी वो एक अच्छा ट्रेनर बन सकता है अगर उसके आईडिया पर कोई पैसा इन्वेस्ट कर दे।  

2 . वो एक इंजीनियर हो जिसमें मार्क ज़ुकरबर्ग , बिल गेट्स , एलोन मस्क बनने की क्षमता है लेकिन भारत की सड़ा हुआ अर्थव्यवस्था की वजह से वो लोन और टैक्स के बोझ में दब गया या उसे मौका ही ना मिला हो अपना टैलेंट दिखाने का।  अनुभव है , कोई पूछेगा तो मैं उसका पता बता दूंगी। 

3 . वो एक अच्छा डांसर , अच्छा एक्टर , अच्छा राइटर या पेंटर हो लेकिन आज कल के महंगाई , भ्रस्टाचार और परिवेश में उसकी कमाई नहीं हो पा रही हो  और संघर्ष कर रहा हो।  उसके संघर्ष की प्रसंशा करिये क्यूंकि आप उसे खाने को रोटी नहीं दे रहे हैं , यह उसकी जिंदगी है ,उसने चुना है इस जीवन शैली को। ऐसे लोगों को भी देखा है। एक जूनून पालना भी नशा होता है. सुशांत सिंह राजपूत जैसा बनना हर किसी की बात नहीं है जिसने एक्टिंग और डांस के लिए इंजीनियरिंग छोड़ दी। 

4 . वो बिज़नेस करना चाहता हो , या कोई स्टार्ट अप खोलना चाहता हो , उसके पास अच्छा आईडिया हो लेकिन पैसे नहीं हैं , टीम नहीं है उसके पास।  हो सकता है उसका टैलेंट दूसरों के आर्डर पर निखर कर नहीं आता हो , खुद के स्टार्ट अप से अपना टैलेंट का इस्तेमाल करें या इतने से में वो खुश हो।  अलीबाबा के संस्थापक कइयों बार हारा है , उसकी जीवनी पढ़ कर देखिये या यूट्यूब पर वीडियो होगा। 

5. कोई पत्रकार , वकील , डेंटिस्ट  या कोई भी हो सकता है जिसमें सरकारी नौकरी की कमी होने के नाते संघर्ष कर रहा हो। कुछ व्यवसाय ऐसे हैं की बहुत मेहनत से पढ़ाई करके डिग्री मिला लेकिन आज कल के माहौल में अच्छी कमाई नहीं हो पा रही है। इस महंगाई और प्रतिस्पर्धा के दौड़ में संघर्ष करने वालों के प्रति सहानुभूति रखिये। 

6.हो सकता है वो भाग दौड़ के रेस का हिस्सा ही ना बनना चाहता हो. उन्हें खेती करना अच्छा लगता हो या समाज सेवा करना चाहता हो। 

7. हो सकता है वो व्यक्ति अपना घर छोड़ कर दूसरे जगह नहीं जाना चाहता हो 

8. अगर वो महिला है तो उसे नौकरी ना करने के बहुत बड़ा कारण बच्चे हैं , इसमें कोई गलत बात नहीं है. अगर पति की कमाई से वो खुश है तो बच्चों की परिवरिश करना कोई गलत निर्णय नहीं।  दिखावे और पैसे कमाने के जूनून में बच्चे की परिवरिश ना सके तो बुढ़ापे में माँ बाप ही पछताते हैं , तब पड़ोसी या रिश्तेदार पीठ पीछे कानाफूसी करने के अलावा कुछ नहीं करेंगे। 

9. कुछ किस्मत के मारे भी होते हैं , उनके हालात या तबियत सही ना होने की वजह से अच्छा नौकरी पाने से चूक गए। और कभी कभी जैसा सोचा वैसा नहीं होता।  लेकिन है तो इंसान न। आप तो उसे खाने को रोटी नहीं देते तो कम से कम अच्छे मित्र या रिश्तेदार तो बन सकते हैं। 

यह तो हुई बेरोजगारी के कुछ कारण , एक और कारण है वो है सरकारी नौकरी की तैयारी । मैं सरकारी और प्राइवेट दोनों के पक्षधर हूँ , दोनों के होने से आपस में प्रतिस्पर्धा बनी रहती है , कोई भी पूर्ण समाजवाद या  पूर्ण पूंजीवाद सफल नहीं हुआ है। दोनों का अपना अपना स्थान और महत्व है , दिक्कत बस लोगों के सोच में है और व्यवहार में है। सबसे पहले मैं बताउंगी की प्राइवेट के क्या फायदे हैं और उसके बाद सरकारी के , क्यूंकि आजकल बेरोजगारी और निजीकरण पर बहुत बहस हो रहा है। 

प्राइवेट संस्था या कंपनी के फायदे -

1.सरकारी संस्था या कंपनी को प्रतिस्पर्धा मिलता है , कभी कभी कम संसाधन और कम लागत के प्राइवेट संस्था या कंपनी अच्छा परिणाम देते हैं.
2. दूसरों को अपना कंपनी खोलने का मौका मिलता है और रोजगार की संभावनाएं बढ़ जाती हैं. टैलेंट और योग्यता को उभरने को मौका मिलता है। 
3. टेक्नोलॉजी सरकारी के तुलना में प्राइवेट में जल्दी अपडेट हो जाता है .
4. प्राइवेट संस्था की तरह कोई भी निर्णय लेने में समय नहीं लगता क्यूंकि मालिक एक ही होता है , चाहे मालिक कोई भी निर्णय लें , कर्मचारी उसे मानते हैं। लेकिन सरकारी में अगर रूलिंग पार्टी पसंद ना हो तो हर निर्णय पर राजनीती होती है 
5. मेहनती लोगों को प्रोमोशन मिलने का मौका ज्यादा मिलता है। सरकारी में एक समय के बाद सभी कर्मचारियों का पदोन्नति होता है चाहे कोई कर्मचारी मेहनती और ईमानदार हो ना हो। 
6. भ्रष्टाचार की संभावना कम होती है 

ये कुछ उदहारण हैं , जिससे पता चलता है की प्राइवेट सेक्टर की भी आवश्यकता है और इनको भी फलने फूलने का मौका मिलना चाहिए। इनके ऊपर टैक्स और लोन का इंटरेस्ट इतना नहीं होना चाहिए की प्राइवेट सेक्टर टिक ना पाए। 

प्राइवेट सेक्टर महंगा होता है क्यूंकि वो टैक्स भरता है लेकिन सरकारी विभाग सस्ता होता है क्यूंकि वहां सरकारी खजाने से पैसे लगाए जाते हैं और सरकारी खजाना में कहीं ना इनकम टैक्स और अन्य टैक्स से भरता है। मतलब सरकारी विभाग भी प्राइवेट सेक्टर और एग्रीकल्चर पर निर्भर है। 

अगर कोई व्यक्ति बहुत मेहनती है तो वो सरकारी कर्मचारी से भी ज्यादा कमा सकता है लेकिन सरकारी कर्मचारी को एक समय सीमा के बाद ही पदोन्नति मिलती है चाहे जितना कमा लें। अगर कोई व्यापार शुरू किया है तो उसका लाभ आने वाली पीढ़ी करेगी लेकिन नौकरी में तभी तक फायदा है जब तक आप नौकरी कर रहे हैं और उसका लाभ सिर्फ आपको मिलेगा। 
अगर पितृ आश्रित नौकरी मिलता भी है तो एक एहसान की तरह माना जाता है लेकिन व्यापार पर बेटे का अधिकार की तरह लिया जाता है। पेंशन भी एक सीमा में ही मिलता है व्यापार एक बार सफल हो गया तो आपके बुढ़ापे में भी कमाई बढ़ता रहेगा। 
कुछ सरकारी नौकरी में अपने शहर से दूर दूसरे शहर या जगह जाना पड़ता है , लेकिन प्राइवेट जॉब में अपने मन के मुताबिक जगह की कंपनी खोज सकते हैं और व्यापार में भी अपने अनुसार जगह खोजते हैं या घर के पास ही व्यापार करते हैं। 
सबके जीवन का उद्देश्य सिर्फ पैसा कमाना नहीं होता , कुछ अपने पैशन को फॉलो करते हैं - स्पोर्ट्समैन , एक्टर, राइटर, पोएट , सिंगर , पेंटर , ट्रैवलर , आदि आदि बनना चाहते हैं तो उनको उनकी जिंदगी जीने दें। बस अपने मित्र , पड़ोसी या रिश्तेदार को उसके कमाई से ना तौलें, उसका सोच और व्यवहार देखें। 


Monday, 17 August 2020

आज के युवा और फिल्म जगत

 मैंने देखा है जो लोग सुशांत सिंह राजपूत के हत्या के मुद्दे पर #boycottbollywood लिख रहे हैं यह आज का गुस्सा नहीं है। मैं चार  तरीके का गुस्सा बताउंगी इस मुद्दे पर, जो आपस में मिलकर बड़ा रूप ले लिया है -

1. यह वो केटेगरी है जो सच में सुशांत सिंह राजपूत के फैन हैं , ब्लाइंड आर्टिकल के बावजूद पब्लिक अपने सेंस ऑफ़ ह्यूमर से सुशांत सिंह राजपूत को समझते हैं। एक नेशनल फिजिक्स ओलिंपियाड का विनर और डी सी इ में 7th रैंक लाने वाले मेधावी युवा को अपना प्रेरणा मानते हैं। सुशांत सिंह के सपनों को पूरा होते हुए देखकर अपने सपने को पूरा करने का सपना देखते हैं। 

2 . यह वो केटेगरी है जो आमिर खान के 'पी के ' मूवी से नाराज थे,सलमान खान के बजरंगी भाईजान , एक था टाइगर जैसे मूवी से नाराज थे और शाहरुख़ खान के रईस मूवी से नाराज थे। और भी मूवी थी जिसमें हिन्दुओं की आलोचना नहीं ,मजाक बनाया गया है और पाकिस्तान को अच्छा दिखाया गया है। । 

3 . यह वो केटेगरी है जो बॉलीवुड मूवी नहीं देखता और दूसरे  भाषा के हैं जिनकी मूवी बॉलीवुड से ज्यादा क्रिएटिव और अच्छी होती है लेकिन उनको पहचान नहीं मिल पाता राजनीती या पैसे के कमी की वजह से , जैसे नार्थ ईस्ट , बंगाली , साउथ इंडियन आदि आदि। 

4. यह वो केटेगरी है जिनको बॉलीवुड से कोई लेना देना नहीं है लेकिन मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र सरकार की सरेआम नौटंकी से दुखी हैं और समाज को निर्भय माहौल देना चाहते हैं। 


Tuesday, 4 August 2020

51 मधुर भजन और गीतों की सूची

आज 5 अगस्त 2020 है , आज हमारे प्रधानमंत्री अयोध्या में राममंदिर के लिए भूमि पूजन कर रहे हैं ।
  यूँ तो 2020 की बहुत कटु यादें हैं ,फिर भी आज के दिन के कारण 2020 को सदैव स्मरण किया जायेगा।
इस शुभ दिन पर 51 भजनों और गीतों का सूची शेयर कर रही हूँ -

  1. RAGHUPATHI RAGHAVA RAJA RAM-https://www.youtube.com/watch?v=lqNpCH-xcGE




  2. रघुकुल रीत सदा चली आई , प्राण जाए पर वचन न जाई-https://www.youtube.com/watch?v=7WSP9W7ln0I

  3. ये शुभ दिन आया है -https://www.youtube.com/watch?v=ntussy3FrkY

  4. Hey Rom Rom Mein Basne Wale Ram-https://www.youtube.com/watch?v=ztUJjaVcqb0

  5. जग मे सुंदर है दो नाम, चाहे कृष्ण कहो या राम -https://www.youtube.com/watch?v=gSy7jyAzVWo

  6. jis bhajan mein ram ka naam na ho-https://www.youtube.com/watch?v=g_CIinQvtQ0


  7. Swagat Hai Shree Ram Ka- Akshra Singh (Bhojpuri Singer)-https://www.youtube.com/watch?v=KnncJsMVPrk



  8. अब अयोध्या में बनेगा राम मंदिर-Pawan Singh- https://www.youtube.com/watch?v=RPP86XFvqjA

  9. Ram Mandir Kab Banega | Devendra Pathak-https://www.youtube.com/watch?v=2kPnGBVplCQ

  10.  Mithila Nagariya Nihal Sakhiya (Bhojpuri Song)  || Maithili Thakur-youtube.com/watch?v=sSHpwonkSH8

  11. Ram Ji Ki Sena Chali | Ravindra Jain -https://www.youtube.com/watch?v=R0jjNNySgPk

  12. Shri Ram Jaanki Baithe Hein Mere Seene Mein | Lakhbir Singh Lakkha -https://www.youtube.com/watch?v=MxGItnRhsBI

  13.  Ayodhya Karti Hai Avahan | Ram Mandir Bhajan | Ravindra Jain- https://www.youtube.com/watch?v=zdOMplB2ECw

  14. चलो अयोध्या धाम में मंदिर के निर्माण में | Ved Vyas- https://www.youtube.com/watch?v=Mh0_24-zUYY

  15. चलो अयोध्या धाम चलें | Basant Aacharya -https://www.youtube.com/watch?v=Z8QBrLuhDho

  16. Tera Ramji Karenge Beda Paar - Anup Jalota- https://www.youtube.com/watch?v=KAMwMK5foaQ

  17. Hey Ram Hey Ram - Jagjit Singh -https://www.youtube.com/watch?v=O6rrsYHp1lg

  18. ए पहुना एही मिथिले में रहु ना- Maithili Thakur (Bhojpuri Song)-https://www.youtube.com/watch?v=rpBSXDJkmHw

  19. Ram ji Se Puche Janakpur ki Naari-Maithili Thakur (Bhojpuri Song)- https://www.youtube.com/watch?v=L6P49tJhwHY

  20. रामा रामा रटते रटते बीती रे उमरिया- https://www.youtube.com/watch?v=6kwmQSmhL0k

  21. Hum Katha Sunate Raam Sakal Gun Dhaam Ki-https://www.youtube.com/watch?v=fK7DIiPpTNk

  22. मेरा राम की कृपा से सब काम हो रहा है -https://www.youtube.com/watch?v=0n3hsfySfJg



  23. कभी राम बनके कभी श्याम बनके-https://www.youtube.com/watch?v=mZjySBOJj10

  24. दुनिया चले न श्री राम के बिना -https://www.youtube.com/watch?v=P0kmJGJeTxI

  25. हिन्दुओं का है गर्जन होगा भूमि पूजन-https://www.youtube.com/watch?v=1vKhiHz3ihQ

  26. Sita ram sita ram kahiye jahi bidhi rakhe ram tahi bidhi rahiye-https://www.youtube.com/watch?v=nFG7Wzbxyi0

  27. राम नाम के हीरे मोती -https://www.youtube.com/watch?v=hyGaYsQOuWQ



  28. Ramache Bhajan Techi Majhe Dhyan (Marathi)- https://www.youtube.com/watch?v=1WmDg2U5TkE

  29. नगरी हो अयोध्या सी -https://www.youtube.com/watch?v=kPZZGoXIKJc

  30. भजन नहीं अमृत है जिसके हृदय में राम नाम बन्द है-https://www.youtube.com/watch?v=JD7tKHhYm0E

  31. Ram Ka nam Lekar Jo Mar Jayenge -https://www.youtube.com/watch?v=rPUuIMR7IJg

  32. Ayodhya Me Modi Ji Ka Aana Gajab Ho Gaya-https://www.youtube.com/watch?v=67DfyeeqS_Q

  33. Ram aur lakshman dashrath ke bete haryanvi bhajan-https://www.youtube.com/watch?v=KBN6psImn1U

  34. Mari Zupadiye Aavo Mara Ram | Gujarati Ram Bhajan-https://www.youtube.com/watch?v=NDmbCbndsxE

  35. Shree Ram No Thal | Gujarati Bhajan-https://www.youtube.com/watch?v=5aoGifC8nNA


  36. Japo Naam Jai Jai Ram (Bengali bhajan)-https://www.youtube.com/watch?v=M9FO4Anpt-I


  37. Rama Rama Rama Endre (Tamil)-https://www.youtube.com/watch?v=W8JWazyjY9E

  38. Koi Bole Ram Ram - Bhai Satvinder Singh (Punjabi)- https://www.youtube.com/watch?v=OZk4MKMk8Mw

  39. Joy Joy Ram Joy Shree Ram (Assamese)-https://www.youtube.com/watch?v=4w2K8Y3qhx8